पंजाब

करतारपुर साहिब कॉरिडोर ‘अमन का सेतु’ -कैप्टन अमरिन्दर सिंह

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समूह राजनैतिक पार्टियों को पाकिस्तान की आई.एस.आई. के अपवित्र इरादों को नाकाम करने के लिए सरकार को सहयोग करने की अपील

चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज सभी राजसी पार्टियों को राज्य में अमन -शान्ति और सदभावना बनाये रखनें में रचनात्मक भूमिका अदा करने की अपील की है जिससे पाकिस्तान की आई.एस.आई. की शह प्राप्त आतंकवाद के घृणित इरादों को नाकाम किया जा सके।आई.एस.आई. का समर्थन प्राप्त आतंकवाद से पंजाब की रक्षा करने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी राज्य को फिर आतंकवाद के काले दिनों में धकेलने की हरगिज़ इजाज़त नहीं दी जायेगी। मुख्यमंत्री यह विचार डेरा बाबा नानक -करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए ज़ाहिर कर रहे थे। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति के साथ जुबानी वोटों के द्वारा पास कर दिया गया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह कॉरिडोर खोलने के लिए पंजाब सरकार और भारत सरकार द्वारा किये गये यत्नों के लिए सदन अपनी सराहना दर्ज करता है। इसके साथ ही भारत सरकार को पंजाबियों की काफी देर की माँग के मद्देनजऱ नवंबर, 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले इस कॉरिडोर को शुरू करने के लिए सभी ज़रुरी कार्य मुकम्मल करने की अपील करते हुए किसी भी ढंग से राज्य की शान्ति भंग न होने को भी यकीनी बनाने के लिए कहा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस कॉरिडोर को भारत और पाकिस्तान के लोगों के मध्य ‘अमन का सेतु’ करार दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम सभी के लिए ख़ासकर सिख भाईचारे के लिए यह बहुत यादगारी मौका है क्योंकि देश के बटवारे के बाद सिख भाईचारा रोज़मर्रा यह कॉरिडोर खुल जाने के लिए अरदास करता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद को फिर पैदा करने के लिए पाकिस्तानी सेना के स्थिर यत्नों संबंधी उनकी तरफ से लिए स्पष्ट स्टैंड के लिए शिरोमणि अकाली दल के सरप्रस्त प्रकाश सिंह बादल और प्रधान सुखबीर सिंह बादल समेत अलग-अलग लोगों की तरफ से नुकताचीनी का सामना करना पड़ा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘जब सरहदी राज्य को अस्थिर करने के मकसद के साथ सरहद पर हमारे सैनिकों की हत्याएँ होती हों तो क्या आप सचमुच सोचते हो कि पाकिस्तानी सेना हमारी हमदर्द है?’ मुख्यमंत्री ने सभी राजनैतिक पार्टियों को आई.एस.आई. के हत्थकंडों के द्वारा पंजाब में आतंकवाद फिर पैदा करने के छुपे मकसद से चौकस रहने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि इसकी मिसाल विभिन्न आतंकवादी गिरोहों पर कार्यवाही करके गिरफ़्तारियां करने के अलावा गोला -बारूद और नशीले पदार्थों की बड़ी खेपें जब्त करने से मिलती है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जब रावी दरिया में बाढ़ आने के साथ गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को नुक्सान पहुँचा था तो उसके बाद उनके दादा जी महाराजा भुपिन्दर सिंह ने साल 1920 -1929 तक इस गुरुद्वारा साहिब की कार सेवा करवाई थी। इसी तरह उनके दादा जी ने गुरू घर के प्रति श्रद्धा और सत्कार की पारिवारिक विरासत को आगे चलाते हुए ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजा साहिब और गुरुद्वारा जन्म स्थान श्री ननकाना साहिब की सेवा की। इसी रिवायत को और आगे ले जाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि इस जीवन के दौरान उनको इस पवित्र कार्य का हिस्सा बनने का सौभाग्य हासिल हुआ है। डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर का नींव पत्थर रखने के मौके पर किये गये ऐलान को फिर दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले पहले जत्थे में शामिल होंगे जहां श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के लगभग 18 वर्ष बिताऐ हैं। इस विचार-चर्चा में कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा, अकाली विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला, सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, हरिन्दरपाल सिंह चन्दूमाजरा, कांग्रेसी विधायक राज कुमार वेरका और हरमिन्दर सिंह गिल, आम आदमी पार्टी के विधायक कँवर संधू, कुलतार सिंह संधवां और भाजपा विधायक सोम प्रकाश ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।

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