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विपक्षी दलों के हंगामें की भेंट चढ़ी शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन संसद की कार्यवाही
शीतकालीन सत्र के शुरूआत से पहले संसद के सुचारू कार्यवाही के लिए बैठके हुई लेकिन आज तीसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा थमता नज़र नहीं आया। हंगामें के चलते दोनों ही सदनों में कोई कामकाज नहीं हो पाया। हालांकि स्पीकर ने इस दौरान हंगामा करनेवाले सदस्यों को चेतावनी भी दी।
शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन संसद की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामें की भेंट चढ़ गई। हंगामें के चलते दोनों ही सदनों में कोई कामकाज नहीं हो पाया।
लोकसभा में कार्यवाही की शुरुआत शिमोगा से सांसद चुनकर आए बी वाई राघवेंद्र को शपथ दिलाने के साथ शुरू हुई। हालांकि मौजूदा लोकसभा के अंतिम पूर्ण सत्र में विपक्ष का हंगामा थमता नज़र नहीं आ रहा है। कुछ जरुरी काम निपटाने के बाद जैसे ही लोकसभाध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरु किया, कांग्रेस, शिवसेना, तेलगुदेशम पार्टी और अन्नाद्रमुक के सदस्य विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विपक्ष के आसन के नजदीक आ गए। सदस्य राफेल सौदे, राममंदिर,कावेरी और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर हंगामा कर रहे थे। हंगामें के चलते कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा, और स्थिति में ज्यादा बदलाव ना होते देख स्पीकर ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि स्पीकर ने इस दौरान हंगामा करनेवाले सदस्यों को चेतावनी भी दी।
हंगामें के बीच लोकसभाध्यक्ष ने शून्यकाल की कार्यवाही भी चलाने की कोशिश की। विभिन्न मुद्दों पर जारी हंगामें के बीच भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने बाल यौन शोषण और ऐसे अपराधों से पीड़ित बच्चों को डराने-धमकाने का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए कहा कि इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। शिवसेना के आनंदराव अडसूल ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द राम मंदिर के निर्माण के लिए समाधान निकालने की मांग की।
कावेरी नदी पर बांध बनाए जाने समेत विभिन्न मुद्दों पर अन्नाद्रमुक, द्रमुक सहित कई दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक दस मिनट बाद ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित किये जाने के बाद सभापति कार्यालय में सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर उन्हें स्थगन के कारणों से अवगत कराया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा कि ऐसे दिन जब संसद आतंकवादी हमले में शहीद जवानों की कुर्बानी को याद कर रही हो वो सदन की कार्यवाही में बार बार बाधा उत्पन्न करने की प्रवृत्ति को संरक्षण देने के बिल्कुल पक्षधर नहीं है।
इससे पहले सुबह भारतीय जनता पार्टी के संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ तमाम केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने हिस्सा लिया। बैठक में शीतकालीन सत्र को लेकर चर्ची की गई तो इस दौरान विशेष तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार को भी श्रद्धांजलि दी गई।
8 जनवरी तक चलने वाले शीतकालीन सत्र में अब 17 बैठकें बची हैं, इस दौरान तीन अध्यादेशों सहित करीब चार दर्जन विधेयकों और जरुरी विधायी कार्यों को सरकार संसद से पारित कराना चाहती है।