पंजाब
पंजाब में बंद पड़े उद्योग पुन: सृजत होने लगे- सुंदर शाम अरोड़ा
मंडी गोबिन्दगढ़ की 15 इकाईयां फिर से चालू, 31 अन्य इकाईयों ने बिजली कनैक्शन फिर बहाल करवाए और पावर लोड बढ़ाया
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई ‘नयी औद्योगिक नीति-2017’ से राज्य में उद्योग पक्षीय माहौल की सृजना हुई है। नयी नीति के लागू होने से जहां उद्योगपतियों को विभिन्न लाभ मिलने शुरू हुएं हैं, वहीं राज्य में बंद पड़ी छोटे-बड़े उद्योग फिर सुरजीत होने लगे हैं। यह प्रगटावा करते हुए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री सुन्दर शाम अरोड़ा ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और रोजग़ार के मौके पैदा करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के वर्ष 2007 से 2017 तक 10 वर्षों तक के शासन के दौरान मंडी गोबिन्दगढ़ के स्टील उद्योग को मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ा और इस समय के दौरान उद्योग को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने बताया कि मुश्किल हालातों के कारण बहुत सी इकाईयों ने और ज्यादा लाभ मिलने के कारण अपने निवेश पड़ोसी राज्यों में करने शुरू कर दिए थे, जिससे मंडी गोबिन्दगढ़ में और ज्यादा गिरावट आ गई थी। उन्होंने बताया कि इस समय के दौरान 183 इकाईयां बंद कर दी गई, जिससे फतेहगढ़ साहिब में बेरोजग़ारी में वृद्धि हुई थी। श्री अरोड़ा ने बताया कि मंडी गोबिन्दगढ़ के स्टील उद्योगों को फिर से चालू करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ज़मीनी स्तर पर इसके कारणों का पता लगाने के लिए अनेकों मीटिंगें की। उन्होंने बताया कि पावर टैरिफ और उत्तम ऊर्जा सप्लाई दो बड़े मुद्दे उभर कर सामने आए क्योंकि ऊर्जा को स्टील उद्योग के लिए कच्चा माल समझा जाता है। उन्होंने बताया कि नयी औद्योगिक नीति के अंतर्गत राज्य सरकार ने उद्योगों को बिजली 5 रुपए प्रति यूनिट मुहैया करवाना तय किया गया। उन्होंने बताया कि बिजली की दरों में कटौती करने से बंद हो चुकी 15 इकाईयां फिर चालू हो गई हैं और उन्होंने फिर उत्पादन करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि नयी औद्योगिक नीति के अस्तित्व में आने के बाद नयी सनमंडी गोबिन्दगढ़ की 31 और इकाईयों ने बिजली कनैक्शन फिर बहाल करवा लिए हैं और उन्होंने अपने पावर लोड को बढ़ाया है। श्रीमती विनी महाजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग और वाणिज्य विभाग, पंजाब ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई नयी औद्योगिक नीति ने राज्य में उद्योग पक्षीय माहौल की सृजना की है। उन्होंने कहा कि नयी नीति में नये और मौजूदा उद्योगों के लिए कई वित्तीय रियायतों की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में पिछले लगभग 2 वर्षों के दौरान 254 नयी निर्माण इकाईयां और 390 चालू इकाईयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे 3112 व्यक्तियों को सीधे तौर पर रोजग़ार मिला है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान जि़ला फतेहगढ़ साहिब को 13,381 लाख रुपए निवेश के रूप में प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 886.60 करोड़ रुपए के 52 समझौते जि़ला फतेहगढ़ साहिब और पंजाब सरकार के उद्योग और वाणिज्य विभाग के साथ सहीबद्ध किये गए हैं। इन 52 में से 2 इकाईयों ने व्यापारिक उत्पादन शुरू कर दिया है और 5 अन्य इकाईयों ने ज़मीन खरीद कर बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि 7 अन्य इकाईयों द्वारा मशीनरी लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इन समझौतों के अंतर्गत लगभग 5200 लोगों को रोजग़ार मिलने की आशा है।