मध्यप्रदेश

विद्यार्थियों को कम्प्यूटर द्वारा संशोधित मार्कशीट दी जाये : राज्यपाल

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विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 95वीं बैठक सम्पन्न

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय परीक्षा के पहले और परीक्षा के बाद होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने का गंभीरता से प्रयास करें। कुलपति अध्यादेश और नियमों का सख्ती से पालन करें और इस बात का ध्यान रखें कि किसी काम में गलतियाँ न हों। उन्होंने विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटर द्वारा संशोधित मार्कशीट देने के निर्देश दिये। यह बात राज्यपाल ने विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 95वीं बैठक में कही। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, उच्च शिक्षा, वित्त, विधि विभाग तथा वरिष्ठ अधिकारी और शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हुए उच्च ग्रेड में आगे बढ़ने की कोशिश करें। यह सभी विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि हर विश्वविद्यालय देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की सूची में स्थान प्राप्त करे, ताकि देश-विदेश से छात्र-छात्रायें शिक्षा ग्रहण करने आयें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। इसलिए विश्वविद्यालयों को अपने पाठ्यक्रमों के सिलेबस में परिवर्तन करते रहना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों में प्रोफसर और लेक्चरर कई वर्षों से स्वयं के तैयार नोट के द्वारा पढ़ाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को नई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसके लिए उन्होंने प्रोफेसरों और प्राचार्यो को प्रशिक्षण देने का सुझाव देते हुए कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता लाने तथा विश्वविद्यालय को नेक में उच्च स्थान प्राप्त दिलाने के लिए विशेषज्ञों से मार्गर्शन भी प्राप्त करें।

श्रीमती पटेल ने कुलपतियों को प्रधानमंत्री के गांधी-150 वर्ष पर 2 अक्टूबर से पूरे एक वर्ष तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गांधी जी की अफ्रीका यात्रा से लेकर आज की सामाजिक और राष्ट्रीय स्थिति में हो रहे बदलाव के परिप्रेक्ष में गांधी जी के विचार और दर्शन के महत्व को छात्र-छात्राओं को बतायें। राज्यपाल ने कहा कि कुलपति अपने विदेश और प्रदेश के बाहर के कार्यक्रमों में जाने की जानकारी हर माह राजभवन को भेजें। उन्होंने कहा कि जिन विश्वविद्यालयों में लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई, वहाँ जल्द से जल्द लोकपाल नियुक्त करें। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री नीरज मंडलोई ने आभर व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहाँ शिक्षा में सुधार के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं।

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