पंजाब

भविष्य की योजनाबंदी के लिए पंजाब के विभिन्न विभागों के साथ करेंगे मीटिंगें – भ_ल

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मेघालय योजना बोर्ड के शिष्टमंडल द्वारा पीएसपीबी की उप-चेयरपर्सन के साथ मुलाकात

चंडीगढ़,

राज्य के सर्व-पक्षीय विकास को यकीनी बनाने के उद्देश्य से पंजाब राज्य योजना बोर्ड द्वारा चरणबद्ध  तरीके से राज्य के विभिन्न विभागों के साथ मीटिंगें की जाएंगी जिससे विभागों को पेश आ रही परेशानियों की ज़मीनी हकीकत बारे जाना जा सके और फंडों का सही प्रयोग करके आवश्यकतानुसार भविष्य की योजनाबंदी की जा सके। यह जानकारी पंजाब राज्य योजना बोर्ड (पीएसपीबी) की उप चेयरपर्सन श्रीमती राजिन्दर कौर भ_ल ने मेघालय योजना बोर्ड के चेयरमैन श्री लांबो मालनियन के नेतृत्व में आए शिष्टमंडल के साथ हुई मुलाकात के दौरान दी। श्रीमती भ_ल ने बताया कि वर्ष 2018 -19 के दौरान राज्य के विकास कार्यों के लिए कुल 20,661.20 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से क्रमवार 6090.40 करोड़ रुपए और 14,570.80 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अंतर्राष्ट्रीय सीमा (पाकिस्तान) के साथ लगते जिले जैसे कि अमृतसर, फिऱोज़पुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, पठानकोट और तरन तारन, जहाँ कि विशेष किस्म की मुश्किलें हैं, के लिए ख़ास तौर पर 32.67 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

इस संबंधी और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब का योजना विभाग उन ग़ैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओज़) को भी फंड मुहैया करवाएगा जो शिक्षा के क्षेत्र, गरीब और जरूरतमंद परिवारों की लड़कियों और पेशेवर शिक्षा, प्रसूति और बाल स्वास्थ्य संभाल, ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्री और बाल विकास के कामों, शहरों में झुग्गी -झोंपड़ी वाले इलाकों के वातावरण सुधार और दलितों और पिछड़े वर्गों के कल्याण कार्य, नशामुक्ति, गर्भवती मांओं और बच्चों के पोषण संबंधी प्रोग्रामों आदि कामों में काम कर रहे हैं, के लिए कुल 10 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। श्रीमती भ_ल ने यह भी बताया कि 15 करोड़ रुपए जनहित में चल रहे अधूरे प्रोजेक्टों की पूर्ति के लिए दिए गए है। मीटिंग के दौरान श्री लांबो मालनियन चेयरमैन, मेघालय योजना बोर्ड ने पंजाब राज्य की तारीफ़ करते हुए कहा कि पंजाब देश के अग्रणी राज्योंं में शुमार है और यहाँ चल रहे विकास कार्यों को नज़दीक से देखकर वह भी ऐसी नीतियाँ और योजनाएँ अपने राज्य में लागू करेंगे। उन्होंने नीति आयोग की तजऱ् पर राज्य के योजना बोर्डों को फिर संगठित करने बारे भी विचार साझे किये। मेघालय के इस शिष्टमंडल में डा. कृष्णा चौहान विशेषज्ञ मैंबर, अंडर सैक्रेट्री श्री आर.डी.एच खालूकी, मैंबर श्री मोनभा रवि और मैंबर श्री एनरिक जी. नौंगबर शामिल थे।  इस अवसर पर दूसरों के अलावा श्री सुमित शर्मा, डायरैक्टर योजना और आर्थिक सलाहकार श्री एम.एल. शर्मा भी मौजूद थे।

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