पंजाब
मंत्रीमंडल द्वारा दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुओं की ख़ुराक के मानक को यकीनी बनाने के लिए प्रस्तावित बिल को मंजूरी
चंडीगढ़,
पंजाब मंत्रीमंडल ने दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुओं की ख़ुराक के मानक को यकीनी बनाने के लिए एक नये प्रस्तावित बिल को मंजूरी दे दी है जिसको पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान एक्ट का रूप दिया जायेगा । ‘द पंजाब रैगूलेशन ऑफ कैटलफीड कन्नसेंट्रेटस एंड मिनरल मिश्रण एक्ट’ डेयरी सैक्टर में पशुओं की ख़ुराक (फीड) मिनर्ल मिश्रण और कन्नसेंट्रेटस के मानक पर नियंत्रण रखने में सहायक होगा। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस मकसद के लिए पहले कानून में संशोधन करके नया बिल तैयार किया गया है ।
पंजाब सरकार ने आवश्यक वस्तुएँ एक्ट, 1955 के तहत पंजाब रैगूलेशन ऑफ कैटलफीड कन्नसेंट्रेटस एंड मिनरल मिश्रण आर्डर, 1988 तैयार किया था । विभाग द्वारा इस आर्डर के तहत पशुओं की ख़ुराक, मिनरल मिश्रण और कन्नसेंट्रेटस के मानक पर नियंत्रण रखने के लिए कार्यवाही की जा रही थी । गौरतलब है कि भारत सरकार ने आवश्यक वस्तुएँ एक्ट, 1955 को आवश्यक वस्तुएँ (संशोधन) एक्ट, 2006 के रूप में सुधारा था और धारा 2 की उप धारा ए को ख़त्म कर दिया था। एक्ट की धारा 2 की उप धारा ए (द्ब) आयल केक और अन्य कनसेंट्रेटस समेत पशुओं के चारों से सम्बन्धित है । इसके साथ आवश्यक वस्तुएँ एक्ट, 1955 के घेरे में से आयल केक और अन्य कनसेंट्रेटस समेत पशुओं के चारे को हटा दिया गया है । हालांकि पंजाब में डेयरी सैक्टर में बड़े स्तर पर विकास हुआ है । इसलिए पशुओं की ख़ुराक के मानक पर नियंत्रण रखने को महसूस किया गया है । इस नये कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में पशुओं की ख़ुराक, मिनरल मिश्रण और कन्नसेंट्रेटस के उत्पादन, वितरण, भंडारण और बिक्री को नियमित करना है । इस नये एक्ट के तहत हरेक उत्पादक और डीलर को निर्धारित मापदंडों को पूरा करते हुए अपने आप को रजिस्टर्ड करवाना होगा । इसका उल्लंघन करने की सूरत में इस एक्ट के तहत जुर्माने की व्यवस्था की गई है ।