ऊना

साहसिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा कुटलैहड-वीरेंद्र कंवर

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सदाशिव मंदिर तलमेडा में पूजा अर्चना के बाद जन समस्याएं सुनने के अवसर पर बोले पंचायती राज मंत्री
ऊना,  ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुटलैहड विधान सभा क्षेत्र में मौजूद पर्यटन दोहन की अपार संभावनाओं को देखते हुए कुटलैहड क्षेत्र को साहसिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से जहां यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के मानचित्र में प्रमुख तौर पर अंकित होगा तो वहीं बेरोजगार युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के साधन भी सृजित होंगे। वीरेंद्र कंवर आज सदाशिव ध्यूंसर महादेव मंदिर तलमेडा में पूजा अर्चना करने के बाद लोगों की जन समस्याएं सुनने के अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर चिंतपूर्णी के विधायक बलवीर चौधरी तथा उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होने कहा कि कुटलैहड क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में कुटलैहड पर्यटन विकास सोसाइटी का गठन किया गया है। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन विकास की गतिविधियों के लिए उपायुक्त ऊना को निर्देश दे दिए गए हैं तथा एक मास्टर प्लान के तहत पूरे क्षेत्र का धार्मिक व साहसिक पर्यटन की दृष्टि से विकास किया जाएगा।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुटलैहड क्षेत्र में जहां गोविंद सागर झील में वॉटर स्पोटर््स सहित अन्य साहसिक गतिविधियों के विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं तो वहीं सोलह सिंगी धार में मौजूद प्राचीन एवं ऐतिहासिक किलों को भी ट्रैकिंग साईटस व ऐतिहासिक धरोहर के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में हंडोला स्थित ब्रह्मा जी का प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर, रायपुर मैदान स्थित गरीब नाथ मंदिर, सदाशिव मंदिर तलमेडा सहित अनेक धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान हैं जिन्हे धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर इन स्थानों पर पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उन्होने कहा कि प्रदेश की जय राम ठाकुर सरकार हिमाचल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए कृत संकल्प है तथा इस दिशा में कई अहम निर्णय लिए हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास के बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ करने के लिए 1892 करोड रूपये की महत्वकांक्षी परियोजना स्वीकृत हुई है। उन्होने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से शहरों का सौंदर्यकरण, पर्यटन की दृष्टि से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास, धरोहर भवनों का जीर्णोंद्धार तथा पर्यावरण एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। उन्होने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों को यातायात की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए शिमला से चंडीगढ़ के लिए हैलीटैक्सी सेवा भी शुरू की गई है तथा आने वाले समय में प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटक स्थलों को इस सेवा के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
उन्होने कहा जिला ऊना सहित हिमाचल प्रदेश में पटर्यन की दृष्टि से अनेकों अनछुए पर्यटक स्थल हैं। इन अनछुए पर्यटक स्थलों में पर्यटकों को आकर्षित करने के उदेश्य से सरकार ने नई राहें, नई मंजिलें नामक योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के अनछुए पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों में सडक़, परिहवन, पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाएगा तथा इस योजना के लिए सरकार ने बजट में 50 करोड रूपये का प्रावधान किया है। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गण्यमान्य लोग भी उपस्थित थे।

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