पंजाब
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा नशा मुक्त पंजाब की सृजना करना का न्योता
कृषि कजऱ् माफी स्कीम के दूसरे पड़ाव का आरंभ करने सहित अन्य कल्याण स्कीमों की शुरूआत
लुधियाना /चंडीगढ़,
नशे से आज़ादी का न्योता देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नशे के विरुद्ध मुहिम को स्कूलों -कालेजों तक ले जाने के लिए ‘तू मेरा बड्डी’ प्रोग्राम का आग़ाज़ किया। मुख्यमंत्री जो आज यहाँ तिरंगा लहराने के लिए आए थे, ने व्यापारिक बैंकों से कजऱ् उठाने वाले किसानों के लिए कृषि कजऱ् माफी स्कीम के दूसरे पड़ाव का आरंभ करने के साथ-साथ भाई घन्नैया स्वास्थ्य सेवा योजना की भी शुरुआत की। स्वतंत्रता दिवस के समारोह के दौरान परेड का निरीक्षण करने और सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आज के इस पवित्र मौके पर लोगों को राज्य में से नशे की कुरीति को जड़ से उखाड़ फैंकने का प्रण करने का न्योता दिया जिससे हमारी आने वाली पीडिय़ों का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सके। विशेष टास्क फोर्स द्वारा नशे के विरुद्ध मुहिम को नतीजे तक ले जाने की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग ऐब्यूज़ प्रीवैंशन आफिसर्ज (डी.ए.पी.ओ.) प्रोग्राम की बड़ी सफलता के बाद अब ‘तू मेरा बड्डी’ प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है जिसके अंतर्गत विद्यार्थी की हिस्सेदारी से नशा विरोधी मुहिम को निचले स्तर तक ले जाया जायेगा। इस प्रोग्राम से जुडऩे वाले विद्यार्थी राज्यभर में नशों के बुरे प्रभाव संबंधी जागरूकता फैलाएंगे।
इस प्रोजैक्ट में प्रिंसीपल, अध्यापक, विद्यार्थी और उनके माता-पिता शामिल होंगे। यह प्रोग्राम स्कूल के स्वस्थ्य माहौल के लिए द्विपक्षीय सरोकार और रचनात्मक निर्माण पर आधारित होगा। इस प्रोजैक्ट का नेतृत्व क्लासों के अध्यापकों के हाथों में होगा और प्रिंसीपल और जि़ला शिक्षा अफ़सर इसकी निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने नशों के विरुद्ध सरकार के सख्त रवैये को दोहराते हुए चेतावनी दी कि नौजवानों की कीमती जि़न्दगियां तबाह करने वालों के साथ किसी किस्म का लिहाज़ नहीं किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत लगभग 20,000 केस दर्ज किये गए हैं जिसमें 22,000 नशा तस्कर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशे के सौदागरों की ग़ैर -कानूनी तौर पर बनाई जायदाद को ज़ब्त करने और इन लोगों को मौत की सज़ा देने को यकीनी बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
नशा पीडि़तों और इलाज के लिए राज्य में शुरू किये 118 आउट पेशेंट ओप्याड असिस्टड ट्रीटमेंट (ओ.ओ.ए.टी.) क्लिनिकों के हाँ -समर्थकी नतीजों पर संतुष्टि ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल सितम्बर तक ऐसे 80 और क्लीनिक खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन क्लिनिकों में अबतक 26,000 नशा पीडि़तों का इलाज किया जा चुका है और ओ.पी.डी. पर पीडि़तों की संख्या 5.3 लाख से अधिक है। भाई घन्नैया स्वास्थ्य सेवा स्कीम का आरंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने इस स्कीम के कुछ लाभपात्रियोंं को कार्ड भी सौंपे। इस स्कीम का मकसद सहकारी सभाओं के सदस्यों और उनके परिवारों को नगदी रहित स्वास्थ्य सेवाएं और इलाज मुहैया करवाना है। इस स्कीम के अंतर्गत पंजाब में किसी भी सरकारी अस्पताल और अन्य किसी मंज़ूरशुदा अस्पताल से लाभार्थी परिवार दो लाख रुपए तक का नगदी रहित इलाज करवाने का हकदार है।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने कजऱ् माफी स्कीम के दूसरे पड़ाव का आरंभ करते हुए 10 किसानों को कजऱ् माफी के सर्टिफिकेट सौंपे जिससे इन किसानों को व्यापारिक बैंकों से उठाए दो लाख रुपए तक के कजऱ्े से राहत मिलेगी। इस कजऱ् स्कीम के अंतर्गत राज्य में फ़सली कजऱ् उठाने वाले किसानों को इसका लाभ मिलेगा जिन्होंने व्यापारिक बैंकों, सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित सहकारी संस्थाओं से कजऱ् उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत किसानों को 1000 करोड़ रुपए की राहत मिलने की उम्मीद है।
शहरी गरीबों को प्राथमिक सेवाएं (बी.एस.यू.पी.) प्रोग्राम के अंतर्गत बनाए फ्लैटों की चाबियाँ और अलाटमैंट पत्र मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को सौंपे जो पंजाब शहरी विकास योजना के 750 लाभार्थियों में से हैं। यह फ्लैट विश्वकर्मा कालोनी, खोखा मार्केट में बनाऐ गए हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि नयी हाऊसिंग स्कीम के अंतर्गत राज्य के शहरी क्षेत्रों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित कबीलों और पिछड़ी श्रेणियों के योग्य उम्मीदवारों को घर की मुफ़्त सुविधा मुहैया करवाई जायेगी। फसलों के अवशेष के उचित प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सब्सिडी के आधार पर कृषि मशीनरी मुहैया करवाने के लिए स्कीम का आरंभ किया जिससे पराली जलाने की समस्या की रोकथाम में मदद मिलेगी। इन मशीनों में हाइड्रोलिक रिवरसीबल मोड पलाओ पर 70,000 रुपए की सब्सिडी दी जा रही है जबकि इसकी कीमत 1लाख 40 हज़ार रुपए है। इसी तरह पैडी स्टरा मलचर पर भी 78,400 रुपए की 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसी तरह पराली के प्रबंधन के लिए 1,51,200 रुपए की कीमत वाले हैपी सिडर पर किसानों को 75,600 रुपए की सब्सिडी मुहैया करवाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने लुधियाना के तीन किसानों को यह मशीनें सौंपी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा ऐसी 500 और मशीनों का आर्डर दे दिया गया है जो फसलों के अवशेष के प्रबंधन के लिए अगले दो महीनों में किसानों को दे दी जाएंगी।
उद्योग को फिर सृजत करने के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: राह पर लाने के लिए उनकी सरकार हर संभव यत्न कर रही है। उन्होंने कहा कि साल 2017 -18 में 18,172 माईक्रो इंडस्ट्रियल यूनिट स्थापित हुए हैं जबकि साल 2016 -17 में 8517 थे जिससे 112 प्रतिशत का विस्तार हुआ है। इसी दौरान साल 2017 -18 में छोटे इकाईयों की स्थापना में 25 प्रतिशत का विस्तार हुआ है जबकि राज्य में मैनुफ़ेक्चरिंग और सर्विस सैक्टर में रोजग़ार के मौके पैदा होने में 28 प्रतिशत का विस्तार हुआ है जैसे कि साल 2016 में 1,00,022 से साल 2017 में 1,28,818 हो गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 16 महीनों में राज्य सरकार ने 305 समझौते सहीबन्द किये हैं जिससे 50,650 करोड़ रुपए का निवेश आऐगा और इससे रोजग़ार के लगभग एक लाख मौके पैदा होंगे।
राज्य के नौजवानों को रोजग़ार मुहैया करवाने के वायदे के अंतर्गत कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा घर -घर रोजग़ार प्रोग्राम के द्वारा अब तक दो लाख नौकरियाँ दी जा चुकी हैं और साल 2018 -19 के दौरान तीन लाख और नौकरियाँ पैदा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि योग्य नौजवानों को स्मार्ट फ़ोन मुहैया करवाने के वायदे को बहुत जल्दी अमल में लाया जा रहा है जिसकी प्रक्रिया अंतिम पड़ाव पर है। इस मौके पर संसद मैंबर रवनीत सिंह बिट्टू, मुख्यमंत्री के सलाहकार भरतइन्दर सिंह चाहल, विधायक सुरिन्दर डाबर, कुलदीप सिंह वैद्य, संजय तलवार, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा और अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास विसवाजीत खन्ना उपस्थित थे।