ऊना
संस्कृत भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्य का आधार है-वीरेंद्र कंवर
ऊना के जखेडा में संस्कृत भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोले पंचायती राज मंत्री
संस्कृत ही सनातन संस्कृति का मूल आधार है-सतपाल सिंह सत्ती
ऊना, : ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, पशु तथा मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि संस्कृत भाषा केवल मात्र भाषा ही नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्य का आधार है। उन्होने कहा कि संस्कृत दुनिया की प्राचीनतम भाषा है तथा दुनिया की सभी भाषाओं की जननी भी है। उन्होने कहा कि वेद भी संस्कृत भाषा में ही रचे गए हैं। उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति में स्थापित जीवन मूल्य हमारे ऋषि मुनियों की हजारों वर्षों तक किए गए तप के कारण स्थापित हुए हैं। वीरेंद्र कंवर आज ऊना के जखेडा गांव में संस्कृत भारती संस्था द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
उन्होने कहा कि आज दुनिया में रोम व मिश्र जैसी सभ्यताएं समाप्त हो गई हैं, लेकिन हमारे देश की समृद्ध वैदिक एवं सनातन संस्कृति आज भी पूरी दुनिया में कायम है। उन्होने कहा कि 21वीं सदी वैदिक संस्कृति की होगी तथा अपने ज्ञान के माध्यम से पूरी दुनिया को एक नई दिशा देगी। उन्होने कहा कि गंगा, गीता व गौ-माता भारतीय संस्कृति का मूल आधार रहा है, लेकिन देश की लंबे समय तक हुई गुलामी के कारण हमारी इस प्राचीनतम संस्कृति को नष्ट करने का पूरा प्रयास किया जाता रहा है तथा आजादी के बाद भी देश की समृद्ध संस्कृति को नष्ट करने के लिए सांस्कृतिक आक्रमण जारी है।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर उंगली उठाने तथा भला बूरा कहने वालों को सहिष्शुण कहा जाता है लेकिन देश की समृद्ध संस्कृति पर विचार प्रकट करने को सांप्रदायिक की संज्ञा दी जाती है, जो इस देश के लिए किसी खतरनाक संकेत से कम नहीं है। उन्होने कहा कि आज देश में बहुसंख्यक समाज को अल्पसंख्यक बनाने का प्रयास हो रहा है, लेकिन देश में संस्कृत भारती जैसी संस्थाओं के प्रयासों से जहां हमारी संस्कृत भाषा एवं वैदिक संस्कृति को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है तो वहीं संस्कृत भाषा आम लोगों की भी भाषा बने इस दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा कि संस्कृत द्वितीय भाषा बने इस दिशा में सरकार एवं संस्कृत भारती के संयुक्त प्रयासों से इस दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होने कहा कि प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में इसे शामिल किया है तथा इस दिशा में जय राम ठाकुर सरकार पूरा प्रयास करेगी। उन्होने संस्कृत भारती संस्था द्वारा संास्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रूपये देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि संस्कृत भाषा आगे बढ़े इसके लिए प्रदेश भाजपा ने पार्टी के दृष्टिपत्र में शामिल कर प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापना को शामिल किया है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार व संस्कृत भारती के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश में संस्कृत विश्चविद्यालय की स्थापना का सपना फलीभूत होगा। उन्होने कहा कि आज संस्कृत है तो हमारी सनातन संस्कृति है तथा सनातन संस्कृति रहेगी तो भारत रहेगा। उन्होने कहा कि संस्कृत प्राचीनतम भाषाओं में से एक है तथा हिंदी भी संस्कृत भाषा से ही निकली हुई भाषा है। उन्होने संस्कृत भारती संस्था द्वारा संस्कृत भाषा के उत्थान में किए जा रहे प्रयासों को भी सराहा।
इससे पहले संस्कृत भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो0 भक्त वत्सलम ने भी अपने विचार रखे तथा संस्कृत भारती द्वारा संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संस्कृत महाविद्यालय डोहगी के विद्यार्थियों ने संस्कृत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर मंहत दया शंकर, संस्कृत भारती संस्था के प्रांत संगठन मंत्री नरेंद्र, महेंद्र गोपाल, ललित, प्रधान जखेडा महेंद्र छिब्बर, भाजपा मंडलाध्यक्ष मनोहर लाल, एसडीएम विनय मोदी, जिला पंचायत अधिकारी रमण शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।