पंजाब

ई.वी.एम. की प्रथम स्तर चैकिंग संबंधी राज्य स्तरीय वर्कशॉप

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चंडीगढ़,
भारतीय चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार आज यहाँ कार्यालय मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब द्वारा ई.वी.एम. की प्रथम स्तर चैकिंग संबंधी राज्य स्तरीय वर्कशॉप करवाई गई। जिसमें राज्य के डिप्टी कमिश्नर कम जि़ला चुनाव अधिकारी और अतिरक्ति जि़ला चुनाव अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया। वर्कशॉप को ई.वी.एम. संबंधी सलाहकार श्री विपन कटारा, श्री रघविन्दर आचार्य (एन एल एम टी) ने संबोधन किया और इलैक्ट्रॉनिक्स वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) और वी वी पैट संबंधी विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने ई.वी.एम. की शुरुआत से लेकर नये विकसित किये ई.वी.एम. मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर संबंधी समझाने के इलावा इसके डिज़ाइन कार्यप्रणाली, सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन और मशीन की स्टोरेज के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों और नियमित नियमावली के प्रयोग संबंधीे जानकारी दी।  वर्कशॉप के दूसरे सैशन के दौरान ई.वी.एम. और वी वी पैट मशीनों बारे तकनीकी जानकारी दी गई और कंट्रोल यूनिट वी.वी पैट और बैलट यूनिट के प्रयोग संबंधी बताया गया। इस दौरान सवाल जवाब सैशन में फील्ड में आने वाली कठिनाईयों संबंधी प्रश्न पूछे गए जिनका मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब डा. एस. करुणा राजू और श्री कटारा की तरफ से तसल्ली बख़्स जवाब दिए गए। डा. राजू ने इस अवसर पर कहा कि प्रथम स्तर चैकिंग के दौरान यदि कोई मशीन दोषपूर्ण पाई जाती है तो उसको तत्काल तौर पर अलग करके अगली जांच के लिए मशीन बनाने वाली सरकारी कंपनियाँ भारत ईलेक्ट्रोनिक्स लिमिटड (बी ई एल) और ईलेक्ट्रोनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटड को भेजा जाये। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि डिप्टी कमिश्नर कम जि़ला चुनाव अधिकारी इस बहुत ही महत्वपूर्ण प्रथम स्तर चैकिंग संबंधी राजनैतिक पार्टियों के नुमांयदों को जानकारी देें और उनकी प्रथम स्तर चैकिंग के दौरान उपस्थिति को यकीनी बनाएं क्योंकि चुनाव प्रक्रिया का सबसे अहम पड़ाव प्रथम स्तर चैकिंग होता है। इसलिए राजनैतिक पार्टियों के नुमांयदों की इस अवसर पर मौजुदगी और चैकिंग के उपरांत ई.वी.एम. पर लगने वाली गुलाबी रंग की स्लिप पर उनके हस्ताक्षर लेने भी ज़रूरी हैं।  डा. राजू ने कहा कि राजनैतिक पार्टियों में जागरूकता की कमी के कारण यह अक्सर देखने में आता है कि वह प्रथम स्तर चैकिंग के दौरान उपस्थित होने से असमर्थ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम स्तर चैकिंग के दौरान बी.ई.एल./ई.सी.आई.एल के इंजीनियरों की टीम उपस्थित रहती है और मौके पर उपस्थित लोगों को ई.वी.एम. की कार्यप्रणाली और बनावट संबंधी जानकारी देती है जिससे ई.वी.एम. संबंधी कई तरह की शंकाएं जड़ से ख़त्म हो जाती हैं।  उन्होंने कहा कि जि़ला चुनाव अधिकारी/अतिरिक्त जि़ला चुनाव अधिकारी इस बात पर विशेष ज़ोर देें कि प्रथम स्तर चैकिंग के अवसर पर राजनैतिक पार्टियों के नुमायंदे उपस्थित रहें। यहाँ यह भी बताना ज़रूरी है कि ई.वी.एम. की प्रथम स्तर चैकिंग हो जाती है उसको ई.वी.एम. ट्रेकिंग व्यवस्था के द्वारा ट्रैक किया जा सकता है।
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