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लोकसभा में हुआ सुचारू कामकाज

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लोकसभा में चेक बाउंस होने के मसले से जुडा नेगोशियेबिल इंस्ट्रूमेंट अमेंडमेंट बिल कल पारित हो गया। राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक भी पेश किया गया। इस विधेयक का मकसद कालेजों विश्वविद्यालयों में खेल की गतिविधियों को बढावा देना है। साथ ही सदन ने कल राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद संशोधन विधेयक 2017 भी पास कर दिया। उधर राज्यसभा में भी सोमवार को कुछ कुछ अंतराल पर हंगामें के बीच दिनभर कामकाज हुआ। सदन में मोटर यान (संशोधन) बिल-2017 पर चर्चा तो शुरु हुई लेकिन ये संशोधन पारित नहीं हो सका। इस बीच सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि अब उच्च सदन के सदस्य एक नए एप के माध्यम से अपने अपने नोटिस ऑनलाइन भेज सकते हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि कागज में लिख कर नोटिस देने का चलन खत्म नहीं किया गया है। लोकसभा की ही तरह हफ्ते के पहले दिन राज्यसभा में भी कामकाज सुचारु ढंग से कामकाज हुआ और कई बिलों पर चर्चा हुई । हालांकि सदन की कार्यवाही शुरु होते ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे टीडीपी सदस्यों के हंगामे की वजह से 11 बजकर करीब 20 मिनट पर राज्यसभा की बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल पूरा नहीं चल पाया । सभापति ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें टीडीपी सदस्यों की ओर से नोटिस मिले हैं जिन्हें उन्होंने नियम 176 के तहत स्वीकार कर लिया है। जिस पर मंगलवार को अल्पकालिक चर्चा होगी। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक फिर शुरू होने पर भी टीडीपी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और कुछ सदस्य आसन के समीप आ गए। इस बीच सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि अब उच्च सदन के सदस्य एक नए एप के माध्यम से अपने अपने नोटिस ऑनलाइन भेज सकते हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि कागज में लिख कर नोटिस देने का चलन खत्म नहीं किया गया है। प्रश्नकाल के दौरान सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने बताया कि देश में मंत्रालय के नियमों के तहत अखबारों को प्रचार के लिए धन देता है जिसमें छोटे अखबारों को 15%, मध्यम श्रेणी के अखबारों को 35% और बड़े अखबारों को 50% फंड देने का नियम है। दोपहर बाद सदन में स्पेशल रिलीफ एमेंडमेंट बिल पर चर्चा हुई और बाद में उसे मंजूरी दे दी गयी । केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बदलते माहौल में कानून को बदलना जरुरी है और बुनियादी ढांचे से जुडी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए ये बिल जरुरी है । इसके बाद सदन में मोटर यान (संशोधन) बिल-2017 पर चर्चा शुरु हुई । अगर यह बिल पास हो जाता है तो सड़क यातायात नियमों का उल्लंघन करना बहुत महंगा पड़ेगा। नए एक्ट में सौ रुपये का कोई चालान नहीं है, । अब नियमों के उलंलघन पर पांच सौ से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि का चालान प्रस्तावित है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व महत्व के स्थलों के बारे में एक महत्वपूर्ण विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजे जाने की विपक्ष की मांग के कारण आज राज्यसभा में इस पर चर्चा नहीं हो सकी। सभापति के निर्देश पर सरकार विभिन्न दलों के साथ बात कर इस बारे में कोई सहमति बनाने का प्रयास करेगी।

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