पंजाब

‘‘डायरिया कंट्रोल पखवाड़ा’’ अधीन पंचायतों को साफ़ पेयजल संबंधी किया गया जागरूक

दस्त के कारण 5 वर्ष से कम आयु के 7,60,00 बच्चों की होती है मृत्यु

जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग द्वारा पानी को कलोरीनेशन प्रक्रिया के द्वारा साफ़ करके कीटाणु रहित किया जाता

चंडीगढ़,

मिशन तंदुरुस्त पंजाब अधीन पंजाब सरकार के समूचे अदारों के भागीदारों द्वारा सूचना शिक्षा और संचार गतिविधियों के द्वारा पंजाब को सेहतमंद और निरोग बनाने की भरसक कोशिश की जा रही है। जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग द्वारा पंजाब के गाँवों में ‘डायरिया कंट्रोल पखवाड़ा (10 जुलाई से 25 जुलाई)’ तक मनाया गया और ग्रामीण स्तर पर कैंप लगाए गए। इस संबंधी जानकारी देते एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जल सप्लाई विभाग द्वारा समूचे पंजाब में स्वास्थ्य विभाग, महिला और बाल विकास विभाग के साथ नैटवर्किंग और सहयोग करते हुए सांझी मुहिम चलाई गई। जिसके अंतर्गत गाँवों, स्कूलों, कालेजों में विभाग के स्टाफ द्वारा ग्राम पंचायतों, विद्यार्थियों, यूथ क्लब, सहकारी सोसायटियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों को इन कैंपों के द्वारा जागरूक किया गया। इन कैंपों में साफ़, शुद्ध और सुरक्षित पानी की महत्ता और दूषित पानी के साथ होने वाली बीमारियाँें संबंधी जानकारी दी गई। इसके इलावा कैंप में दस्त के बुरे प्रभावों और सावधानियों संबंधी विस्तारपूर्वक बताया गया। प्रवक्ता ने बताया कि हर साल विश्व स्तर पर दस्त के 1.7 बिलिअन मामले सामने आए हैं जिनमें से तकरीबन 5 वर्ष से कम उम्र के 7,60,00 बच्चो की दस्त के कारण मौत हो जाती है। पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण का मुख्य कारण दस्त है और दस्त 5 वर्ष की उम्र तक होने वाली मौतों का दूसरा मुख्य कारण है। उन्होंने आगे बताया कि जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग विश्व बैंक की वित्तीय सहायता के साथ समूचे पंजाब के गाँवों में घर -घर शुद्ध, साफ़ और सुरक्षित पानी पहुँचने के लिए पूरी वचनबद्धता से काम कर रहा है। वाटर वर्कसों से पानी को कलोरीनेशन प्रक्रिया के द्वारा साफ़ करके कीटाणु रहित बनाया जाता है जिससे गाँव वासियों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से मुक्ति दिला दी जा सके और पंजाब राज्य ‘तंदुरुस्त पंजाब’ के नाम के तौर पर जाना जाऐ। प्रवक्ता ने बताया कि इसके इलावा जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग द्वारा समूचे जिले में पानी की गुणवत्ता चैक करने वाली लैबारटियां बनाईं गई हैं। पटियाला और मोहाली जिलों में पहले से भी बेहतरीन लैब बनाई जा चुकी है। इन लैबाटरियों में पानी की गुणवत्ता की जांच की जाती है। जहाँ गाँव वासियों को सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के द्वारा सेहत संबंधी, साफ़ पानी पीने के लाभ संबध्ंाीे, खुले में शौच न जाएँ संबंधी आदि के बारे बताया जाता है, वहीं इन लैबाटरियों में से पानी की संपूर्ण जांच करवाने की सुविधा संबंधी भी जागरूक किया जाता है। विभाग के स्टाफ द्वारा विभिन्न सामथ्र्य निर्माण प्रोग्रामों के द्वारा ग्राम पंचायत जल सप्लाई और सेनिटेशन कमेटियों को सफलतापूर्वक चलाने के गुर सिखाए जाते हैं। जिसक कारण आज लगभग 5670 जल सप्लाई स्कीमें ग्राम पंचायत सेनिटेशन कमेटी द्वारा चलाईं जा रही हैं। 126 जल सप्लाई स्कीमोंं के द्वारा निर्विघ्न 24 जल सप्लाई मुहैया करवाई जा रही है और 2265 गाँवों में निर्विघ्न 10 घंटे जल सप्लाई दी जा रही है।

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