पंजाब

सत्य की जीत हुई-कैप्टन अमरिन्दर सिंह

लुधियाना सिटी सैंटर केस में अदालत के फ़ैसले का स्वागत
लुधियाना – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सिटी सैंटर घोटाले के केस में उनके और बाकी मुलजि़मों के विरुद्ध दोषों को ख़ारिज करने के अदालती फ़ैसले का स्वागत करते हुए इसको राजनैतिक रंजिश की कार्यवाही के विरुद्ध उनकी लड़ाई की जीत बताया है।इस केस पर अदालत द्वारा फ़ैसला सुनाने के बाद अदालत के बाहर पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य की जीत होने के साथ-साथ राजनैतिक तौर पर पे्ररित दोषों के विरुद्ध उनके स्टैंड की भी पुष्टि हुई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केस में उनके और पारिवारिक सदस्यों का कानून और अदालत में हमेशा ही अटूट विश्वास रहा है। उन्होंने कहा कि सत्य की जीत के लिए 13 साल का समय लगा परन्तु अदालत के फ़ैसले ने यह सिद्ध कर दिया कि आखिर में जीत सच्चाई की होती है। उन्होंने कहा कि पटीशनरों द्वारा अदालत के सामने सबूतों के तौर पर पेश किये गए मनघड़ंत झूठों का कोई अस्तित्व नहीं था और निर्लज्जता से कहे गए झूठों से पूरी तरह पर्दा उठाया गया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दुख के साथ कहा कि इस प्रक्रिया में पीडि़तों को भी कीमत चुकानी पड़ी क्योंकि उनको अपने ऊपर लगे दोषों से मुक्त होने और साख की बहाली के लिए इन्तज़ार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस केस में 36 मुलजि़मों में से पाँच मुलजि़म, केस की सुनवाई के लंबे अरसे के दौरान, इस घोटाले में अपने सम्मिलन होने के दोषों का दुख लेकर इस दुनिया से चले गए। उन्होंने कहा कि आज इन लोगों पर लगे दोष खारिज़ हो जाने से इनके पारिवारिक सदस्य अब शांति के साथ रह सकते हैं।अदालत ने आज सभी मुलजि़मों के विरुद्ध दोषों को रद्द कर दिया है। सैशन कोर्ट के जज गुरबीर सिंह ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और बाकी सभी मुलजि़मों को क्लीन चिट देने संबंधी विजीलैंस ब्यूरो द्वारा दायर की क्लोजऱ रिपोर्ट को स्वीकृत करते हुए कहा कि किसी भी मुलजि़म के विरुद्ध भ्रष्टाचार का कोई भी मामला सामने नहीं आया। जज ने फ़ैसला सुनाया कि किसी मुलजि़म के विरुद्ध कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन परमजीत सिंह भ्रष्टाचार में शामिल नहीं था हालाँकि वह अपने सीनियर के आदेशों की अवज्ञा किये जाने का कसूरवार हो सकता था।

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