‘अन-रजिटर्ड संस्थाओं के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी’
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा और संभाल के लिए उनको मुफ़्त रिहायश, खाना, पढ़ाई, मैडीकल सुविधाएं आदि मुहैया करवाने में लगी सरकारी और ग़ैर-सरकारी संस्थाओं का रजिस्टर्ड होना लाजि़मी बना दिया है।इसकी जानकारी देते हुए आज यहाँ सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की डायरैक्टर श्रीमती गुरप्रीत कौर सपरा ने बताया कि इन संस्थाओं को जुवेनायल जस्टिस (केयर एंड प्रोटैक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट 2015 की धारा 41 (1) के अधीन रजिस्टर्ड करवाना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ग़ैर-सरकारी संस्था उपरोक्त कार्य कर रही है और अभी तक रजिस्टर्ड नहीं हुई तो वह तुरंत जि़ला प्रोग्राम अफ़सर /जि़ला बाल विकास अधिकारी के साथ संपर्क करके संस्था को रजिस्टर्ड करवाने के लिए 31 दिसंबर, 2019 से पहले-पहले अपने दस्तावेज़ जमा करवाएं।उन्होंने कहा कि निर्धारित तारीख़ के बाद जे.जे. एक्ट के अधीन रजिस्टर्ड न हुई संस्था काम करती मिली तो उसके विरुद्ध जुवेनायल जस्टिस (केयर एंड प्रोटैक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट 2015 की धारा 42 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।