विदेश मंत्रालय ने सरकार के 100 दिन के कामकाज को देश के सामने रखा। इसमें कहा गया कि पड़ोसी पहले की नीति के साथ-साथ भारत दुनिया के सभी देशों के साथ संपर्क बढ़ाने के अलावा वैश्विक हित के मुद्दों पर भी सजग है। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ कोई कदम ना उठाने को लेकर जम कर हमला बोला।विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को जब अपने मंत्रालय की 100 दिनों की उपलब्धियों का ब्यौरा मीडिया के सामने रखने के लिए आए तो उन्होंने कहा कि देश अब उस दौर में आ गया है जहां पहले की तुलना में भारत को दुनिया कहीं ज्यादा गंभीरता से सुन रही है। पड़ोसी पाकिस्तान पर आतंकवाद के मसले पर बरसते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि उसके एक सामान्य पड़ोसी बनने और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने तक यही स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पाक आतंकवाद पर बातें करता है जबकि जरुरत कड़ी कार्रवाई की है ।अनुच्छेद 370 के मसले पर विदेश मंत्री ने कहा कि इस बारे में ज्यादा चिंता न करें कि कश्मीर पर लोग क्या कहेंगे, इस मसले पर1972 से ही भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट है । उन्होंने कहा कि इस मसले पर भारत के पक्ष से वैश्विक जगत को अवगत कराया गया है और वो सहमत है ।पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के बारे में उन्होंने कहा कि पीओके भारत का अभिन्नअंग है और उम्मीद है कि एक दिन इसपर हमारा अधिकार हो जाएगा।’विदेश मंत्री ने भारत अमेरिकी संबंधों का भी उल्लेख किया और कहा कि उसके साथ सभी लंबित मुद्दों का जल्द ही समाधान हो जाएगा।अमेरिका के ह्यूस्टन में पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय समुदाय का आमंत्रण स्वीकार करने पर उन्होंने कहा कि उससे भारतीय समुदाय की अहमियत का पता चलता है ।प्रेस कांफ्रेस में विदेश मंत्री ने भारत चीन के रिश्तों का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देश एक दूसरे की चिंताओं को समझते हुए काम कर रहे हैं। कुलभूषण जाधव मामले पर उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य उनको राजनयिक पहुंच दिलाना था और अब उन्हें देश वापस लाने का समाधान निकाला जा रहा है ।