पंजाब

विजीलैंस ने जून महीने 13 मुलाज़ीम और 2 प्राईवेट व्यक्तियों को रिश्वत लेते दबोचा

अदालतों द्वारा 7 दोषियों को भ्रष्टाचार के दोष के अंतर्गत सज़ाएं
चंडीगढ़ – पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरु की गई मुहिम के अंतर्गत जून महीने के दौरान कुल 12 छापे मारकर 13 सरकारी मुलाज़ीम और 2 प्राईवेट व्यक्तियों को अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया जिनमें पुलिस विभाग के 5, बिजली विभाग के 4 और दूसरे विभिन्न विभागों के 4 मुलाज़ीम शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विशेष अदालतों ने रिश्वत के मामलों में दोषी पाए गए सात कर्मचारियों को सज़ा और जुर्माने सुनाए हैं।इस सम्बन्धी चीफ़ डायरैक्टर-कम-ए.डी.जी.पी विजीलैंस ब्यूरो पंजाब बी.के. उप्पल ने कहा कि इस दौरान ब्यूरो ने सार्वजनिक सेवाओं और दूसरे क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश की। इस दिशा में विजीलैंस के जांच अधिकारियों ने राज्य की विभिन्न अदालतों में चलते मुकदमों के दौरान दोषियों को न्यायिक सज़ा दिलाने के लिए पुख़्ता पैरवी की।उन्होंने बताया कि पिछले महीने के दौरान ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार सम्बन्धी 5 मामलों के चालान विभिन्न विशेष अदालतों में पेश किये गए। इसी महीने सरकारी कर्मचारियों के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों में और गहराई से पड़ताल करने के लिए विजीलैंस द्वारा 2 मुकदमे भी दर्ज किये गए। इसी दौरान भ्रष्टाचार सम्बन्धी लगाए गए इल्ज़ामों की पुख़्ता जांच के लिए 3 और विजीलैंस जांचे भी दर्ज की गई।अन्य जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विजीलैंस द्वारा दर्ज किये गए मामलों की सुनवाई के दौरान पिछले महीने छह विभिन्न विशेष अदालतों ने मुलजिमों को सज़ा और जुर्माने किये हैं जिनमें मानसा में तैनात ए.एस.आई. गमदूर सिंह को मानसा की अदालत द्वाराइ 4 साल की कैद और पचास हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।इसी तरह एक अन्य भ्रष्टाचार केस में पी.एस.पी.सी.एल. मोगा में तैनात सुरिन्दर सिंह सहायक कार्यकारी इंजीनियर और उसके प्राईवेट चालक जसविन्दर सिंह को मोगा की अदालत द्वारा 4 साल की कैद और 5-5 हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। इसके अलावा पटियाला में तैनात ए.एस.आई. सुखविन्दर सिंह को पटियाला की अदालत द्वारा 3 साल की कैद और बीस हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। बरनाला में तैनात ए.एस.आई. जरनैल सिंह को बरनाला की अदालत द्वारा 4 साल की कैद और बीस हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।उक्त के अलावा आनंदपुर साहिब में तैनात वन रेंज अफ़सर बलदेव सिंह को रूपनगर की अदालत द्वारा 4 साल की कैद और चार हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। इसके अलावा गमाडा एस.ए.एस नगर में तैनात सीनियर सहायक किरनपाल कटारिया को एस.ए.एस. नगर की अदालत द्वारा 4 साल की कैद और बीस हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।

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