जीवन शैली

बुखार होने पर मरीज़ अस्पतालों में मलेरिया और डेंगू का टैस्ट मुफ़्त करवाएं-बलबीर सिंह सिद्धू

डेंगू और मलेरिये के ख़ात्मे के लिए पिछले सालों में ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों की तरफ दिया जाये विशेष ध्यान
चंडीगढ़ – मलेरिया और डेंगू को राज्य से मुकम्मल तौर पर ख़त्म करने के लिए यह अति ज़रूरी है कि बुख़ार से पीडि़त हर मरीज़ सरकारी अस्पतालों में जाकर अपने खून के नमूने का टैस्ट मुफ़्त करवाएं जिससे हर संदिग्ध मामले की पुष्टि करके समय पर ईलाज शुरू किया जा सके। इस बात का खुलासा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने गुरूवार को कल्याण भवन में मलेरिया और डेंगू के ख़ात्मे के लिए स्टेट टास्क फोर्स की मीटिंग के दौरान किया।बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि डेंगू और मलेरिये के ख़ात्मे के लिए यह भी लाजि़मी है कि पिछले सालों में प्रभावित क्षेत्रों की तरफ विशेष ध्यान देकर स्वास्थ्य और स्थानीय निकायों की संयुक्त टीमों के तालमेल से इलाके का माईक्रो -प्लान बनाकर तय समय में फॉगिंग करें और पंजाब सरकार की हिदायतों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी करें। मींटिग में उपस्थित स्थानीय निकायों के ज्वाइंट डायरैक्टर राकेश कुमार ने कहा कि वह फॉगिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों और दवा का जिलेवार ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करवाएं और खऱाब पड़ी मशीनों को ठीक करवाएं या फिर नयी फॉगिंग मशीनें जल्द खरीदें। उन्हाोंने स्थानीय निकाय विभाग को यह भी हिदायतें जारी की कि इंडस्ट्रीज़ और झुग्गी झोंपड़ी वाले शहरी इलाकों में नियमित फॉगिंग करें और फॉगिंग के लिए सरकार द्वारा निर्धारित किये इनसैक्टीसाईड का प्रयोग करें। उन्होंने डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं जसपाल कौर को आदेश दिए कि जुलाई, अगस्त और सितम्बर महीने में डेंगू की मार ज़्यादा होती है जिसके लिए मल्टी पर्पस हैल्थ वर्कर गाँवों में घर -घर जाकर लोगों के ख़ून के नमूने लें जिसका मुकम्मल रिकॉर्ड के साथ मोबाइल नंबर भी रिकॉर्ड में दर्ज करें और इन हैल्थ वर्करों की करगुज़ारी की मोनिटरिंग के लिए ब्लॉक स्तर कमेटी बनाई जाये। विद्यार्थियों को इस मुहिम के साथ जोडऩे के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को मलेरिया और डेंगू से बचाव और लक्षणों संबंधी जानकारी देने के लिए सैमीनार करवाए जाएँ कि विशेष तौर पर मानसून में बीमार व्यक्ति अपने खून का टैस्ट ज़रूर करवाएं जिससे मलेरिया और डेंगू से होने वाले जानी नुक्सान को रोका जा सके।उन्होंने मच्छरों की ब्रीडिंग को रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग को बेकार पड़े टायरों और कबाड़ को तुरंत कवर करें और हफ्ते बाद जिलों में वर्कशॉपों की चैकिंग करने के लिए भी कहा।अतिरिक्त सचिव स्वास्थ्य श्री सतीश चंद्रा जी ने कहा राज्य के सभी डिप्टी कमीश्नरों के नेतृत्व अधीन अलग -अलग महकमों के नोडल अफ़सर के साथ मीटिंग की जाये। मल्टीपर्पज़ हैल्थ वर्कर अपने बीट प्रोग्राम के अनुसार अपनी ड्यूटी निभाएं और सुपरवाईजरों द्वारा समय-समय पर उनको चैक किया जाये। इस मीटिंग में प्र्रोग्राम अफ़सर डा. अनु चोपड़ा दुसांझ द्वारा नेशनल वैकटर बोर्न डिज़ीज़ कंट्रोल प्रोग्राम के अधीन की जाने वाली गतिविधियों बारे बताया। इस मीटिंग में डायरैक्टर पंचायत विकास जसकिरन सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एम.डी. अमित कुमार, राजनैतिक सचिव / स्वास्थ्य मंत्री हरकेशचन्द शर्मा मछली कलाँ, डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डा. जसपाल कौर, डायरैक्टर परिवार कल्याण अवनीत कौर, डायरैक्टर पशु पालन इन्दरजीत सिंह, डायरैक्टर मछली पालन मदन मोहन, ज्वाइंट डायरैक्टर स्थानीय निकाय राकेश कुमार, इंडियन मैडीकल एसोसिएशन पंजाब डा. आर. के. गुप्ता और जल सप्लाई और सेनिटेशन, ट्रासपोर्ट डिपार्टमैंट, मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग के सीनियर अधिकारी भी उपस्थित थे।

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