संसार

अमेरिका और चीन के बीच गंभीर होता ट्रेड वॉर

अमरीका और चीन के बीच हाल के दिनों में ट्रेड वॉर में और भी तल्खी आयी, चीन अमरीका का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और ऐसे में दोनों देशों की तरफ से लगाए जा रहे आयात शुल्कों की वजह से ये व्यापार युद्ध और भी गंभीर होता जा रहा है जिसका खामियाजा कहीं न कहीं बाकी देशों को भी भुगतना पड़ रहा है।
अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे ट्रेड वॉर लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका द्वारा चीन की दूरसंचार कंपनी से दूरी बनाने के फैसले के बाद से दोनों ओर से तल्खी और बढ़ गई है दोनों देशो के बीच चल रहे इस खेल के बाद दुनियां के कई देशो की व्यापारिक गतिविधियों पर संकट गहरा गया है। अमेरिका का मानना है कि चीन की दिग्गज दूरसंचार कंपनी हुवावे से पश्चिमी बुनियादी संचार नेटवर्क में जासूसी से जुड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
व्यापार युद्ध को लेकर अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर से रिश्ते काफी बिगड़ गए हैं। इस कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिकी कंपनियों को विदेश में बने दूरसंचार उपकरण लगाने से रोकने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। यह कदम चीन की दिग्गज दूरसंचार कंपनी हुवावे को अमेरिकी नेटवर्कों से दूर रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे चीन के साथ टकराव और बढ़ने की आशंका है क्योंकि हुवावे को लेकर दोनों देश के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है।
अमेरिका का मानना है कि हुवावे से पश्चिमी बुनियादी संचार नेटवर्क में जासूसी से जुड़ा खतरा पैदा हो सकता है। ट्रंप के क़दम के बाद हुवावे को अमेरिका की एंटिटी सूची में डाल दिया गया है। इसके बाद हुवावे को अमेरिकी प्रौद्योगिकी खरीदने के लिए अमेरिकी सरकार से लाइसेंस लेने की जरूरत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि सालों तक हमारे साथ अनुचित व्यवहार किया गया और अब ऐसा नहीं होगा।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग का आरोप है कि हुवावे की गतिविधियां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति हित के खिलाफ है एंटिटी लिस्ट में शामिल कंपनी या व्यक्ति को अमेरिकी प्रौद्योगिकी की बिक्री या स्थानांतरण करने के लिए बीआईएस के लाइसेंस की जरूरत होती है यदि बिक्री या स्थानांतरण अमेरिकी सुरक्षा या विदेश नीति को नुकसान पहुंचाने वाला हो तो लाइसेंस देने से मना किया जा सकता है।इस बीच चीन ने अमेरिका के इस कदम का कड़ा विरोध किया है चीन ने कहा है कि अमेरिका को दोनों देशों के बीच संबंधों को और बिगाड़ने से बचना चाहिए।

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