चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं के इम्तिहानों में अब तक का सबसे बढिय़ा प्रदर्शन दिखाने के लिए विद्यार्थियों और अध्यापकों को बधाई दी है। यह नतीजा कल घोषित किया गया था।पहली बार सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत प्राईवेट स्कूलों की अपेक्षा बढिय़ा रहा है। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 88.21 प्रतिशत और प्राईवेट स्कूलों का 85 प्रतिशत रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 30 प्रतिशत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह सख्त मेहनत और अध्यापकों और प्रिंसीपलों की कमेटी के समर्पण का नतीजा है जो कि पिछले साल के निराशाजनक नतीजों के बाद स्थापित की गई थी। जि़क्रयोग्य है कि साल 2018 में के पास प्रतिशत 58.14 प्रतिशत और 2017 में 52.80 प्रतिशत था। इस कमेटी ने सुधारों के सुझाव दिए थे और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के सामने विस्तृत पेशकारी की थी। सुझावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद स्कूल शिक्षा विभाग को यह सुझाव लागू करने के लिए कहा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक बुनियादी ढांचों में सुधार और अध्यापन सुविधाओं से शिक्षा के स्तर में सुधार आया है। उन्होंने पंजाब के विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए उनके स्तर में विस्तार करने के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराई है। दिलचस्प बात यह है कि सरहदी जिलों गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और फिऱोज़पुर जिलों ने इस बार बहुत बढिय़ा प्रदर्शन दिखाया है। पठानकोट का पास प्रतिशत पिछले साल के 52.33 प्रतिशत के मुकाबले 91.20 प्रतिशत रहा है जबकि गुरदासपुर का पिछले साल के 59.96 के मुकाबले 88.94 और अमृतसर का 54.86 के मुकाबले 88.52 प्रतिशत रहा है।