पंजाब

मुख्यमंत्री द्वारा गेहूँ की खरीद का जायज़ा

गेहूँ का एक-एक दाना खरीदने और उठाए जाने के लिए राज्य सरकार की वचनबद्धता दोहराई

चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज राज्य में गेहूँ की खरीद के कार्य का जायज़ा लिया और किसानों को सुविधाएं मुहैया करवाने और मंडियों में पहुँच रही गेहूँ को 24 घंटों में खरीदने को यकीनी बनाने के लिए खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग को निर्देश दिए जिससे किसानों को किसी भी किस्म की मुश्किल न आए। उन्होंने गेहूँ की ढुलाई में तेज़ी लाने के लिए भी विभाग को निर्देश दिए।इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 60 प्रतिशत से अधिक फ़सल पहले ही मंडियों में पहुँच चुकी है। पिछले तीन-चार दिनों से मंडियों में गेहूँ पहुँचने में तेज़ी आई है और रोज़मर्रा की 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ मंडियों में पहुँच रही है। उन्होंने बताया कि गेहूँ के उत्पादन में तीन से पाँच प्रतिशत विस्तार हुआ है जिस कारण राज्य 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ खरीद कर रिकार्ड को तोडऩे की तरफ बढ़ रहा है।प्रवक्ता ने आगे बताया कि विभाग ने राज्य की खरीद एजेंसियों के द्वारा गेहूँ की खरीद के लिए पहले ही विशाल प्रबंध किये हैं। उन्होंनेे बताया कि बे-मौसमी बारिश और मौसम के विपरीत हालात के बावजूद विभाग ने 29 अप्रैल तक 79.66 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीद लिया है।

प्रवक्ता के अनुसार राज्य स्तर पर गेहूँ की ढुलाई सीमित है। रोज़मर्रा के तकरीबन 5.5 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की ढुलाई हो रही है जबकि पिछले कुछ दिनों से रोज़मर्रा के 10 लाख मीट्रिक टन गेहूँ मंडियों में पहुँच रहा है। इसी कारण कुछ मंडियों में गेहूँ के बड़े भंडार लगे हुए हैं। खरीद के समय के दौरान हरेक साल तकरीबन 6 से 7 दिन इस तरह के हालात रहते हैं। खरीद के अंतिम पड़ाव पर पहुँचने के कारण अगले तीन-चार दिनों में स्थिति में कुछ सुधार आने की उम्मीद है। खराब मौसम के कारण मंडियों में गेहूँ देरी से आने और अचानक बड़े स्तर पर आनी शुरू होने के कारण मंडियों में गेहूँ के ढेर लगे हैं।हालाँकि बे-मौसमी बारिश और मौसम के विपरीत हालातों के कारण गेहूँ को हुए नुक्सान के बावजूद राज्य की एजेंसियाँ तेज़ी के साथ खरीद कर रही हैं। इसकी गवाही यह तथ्य भी भरते हैं कि अकेले 29 अप्रैल को 10.8 मीट्रिक टन गेहूँ मंडियों में आने के बावजूद सिफऱ् 3.6 लाख मीट्रिक टन गेहूँ दिन की खरीद बंद होने तक नहीं बिकी जिससे यह प्रगटावा होता है कि उस दिन मंडी में पहुँचने वाली गेहूँ का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खरीदा गया।प्रवक्ता ने आगे बताया कि दोआबा क्षेत्र के जालंधर, कपूरथला, शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर जिलों में सोमवार तक 7.12 लाख मीट्रिक टन खऱीदी गई जबकि माझा क्षेत्र के अमृतसर, गुरदासपुर, तरन तारन और पठानकोट जिलों में से 8.26 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खऱीदी गई। इसी तरह ही मालवा क्षेत्र के लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, फिऱोज़पुर, फाजि़ल्का, संगरूर, बरनाला, रूपनगर, साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, फऱीदकोट, पटियाला और फतेहगढ़ जिलों में 60.65 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की गई।

जि़ला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह मंडियों में से गेहूँ की तेज़ी से ढुलाई और किसानों को सुविधाएं यकीनी बनाएं।प्रवक्ता ने आगे बताया कि किसानों को उनकी फ़सल का समय पर भुगतान यकीनी बनाने के लिए दुरुस्त ढंग अपनाया गया है। उन्होंने बताया कि 4300 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य के अनाज उत्पादकों के हितों को सुरक्षित बनाया गया है। मौसम की खऱाबी के कारण राज्य सरकार ने भारत सरकार से गेहूँ की खरीद के मापदण्डों में ढील देने की पिछले हफ्ते माँग की थी जिसको हाल ही में स्वीकृत किया गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

twenty − eighteen =

Most Popular

To Top