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मराठा आरक्षण पर गरमायी सियासत, मराठों को आरक्षण देगी महाराष्ट्र सरकार

महाराष्ट्र में आरक्षण की राजनीति गरमाती जा रही है, राज्य विधानसभा में आज मराठा और धनगर समुदायों के आरक्षण का मुद्दा छाया रहा… सरकार ने जल्द ही इस संदर्भ में विधेयक लाने की बात कही है लेकिन विपक्षी हंगामा जारी रहा।

मराठा और धनगर समुदायों के आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को लेकर बार-बार आरोपो-प्रत्यारोपों का दौर देखने को मिला। विपक्षी कांग्रेस और एन.सी.पी. ने महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही बाधित की। दोनों पार्टियां राज्य में मराठा और धनगर  समुदायों के लिए आरक्षण की सिफारिश से जुड़ी रिपोर्ट सदन में तुरंत रखने की मांग कर रही थीं। विपक्ष जहां सरकार से पिछड़े वर्ग आयोग की रिपोर्ट सदन में रखने पर ज़ोर दे रही थी

तो सदन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठा समाज को आरक्षण विधेयक लाने से पहले action taken report सदन के पटल पर रखेगी। 52% आरक्षण को किसी तरह की बाधा न लाते हुए मराठाओ को स्वतंत्र आरक्षण दिया जाएगा, जिसके लिए सरकार प्रतिबध्द है। साथ ही धनगर आरक्षण के संदर्भ में विधेयक लाने से पहले सरकार ATR सदन के पटल पर तय शुदा वक्त में रखेगी, जिसके साथ केंद्र सरकार को सिफारिश करेगी।

सरकार ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष समाज में द्वेष की भावना निर्माण करने हेतु सदन और सदन के बाहर सरकार के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार कर रही है।

मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा शोर-शराबे के कारण दो बार स्थगित भी करना पड़ा। विपक्ष का कहना है कि सरकार मराठा समाज से जुड़े पिछड़े वर्ग आयोग की रिपोर्ट सदन में लाना नही चाहती ।

विपक्ष पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मुस्लिम समाज के 52 जातियों को ओबीसी के तहत आरक्षण दिया गया है, और बाकि 44 से 45 जातियों को आरक्षण देने के लिए पिछड़े वर्ग आयोग की रिपोर्ट तैयार करनी आवश्यक है।

लेकिन विपक्ष इसे लेकर सिर्फ राजनीति कर रही है। जबकि इससे पहले सोमवार को ही सरकार ने कहा था कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र खत्म होने से पहले मराठाओं को सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ा वर्ग वर्ग के तहत आरक्षण देने के लिये बृहस्पतिवार को एक विधेयक लायेगी।

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