स्वयं-भू बाबा रामपाल को हत्या के एक मामले में अदालत ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई. हिसार की अदालत ने करीब 4 साल चली सुनवाई के बाद ये फैसला सुनाया. हालांकि हत्या के एक और मामले में रामपाल के खिलाफ बुधवार को भी सजा का एलान किया जाएगा.सतलोक आश्रम के स्वयं-भू बाबा रामपाल की बाकी की जिंदगी अब जेल में ही गुजरेगी. हिसार की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में रामपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. हिसार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने हत्या के दो मामलों और अन्य अपराधों में रामपाल और उसके अनुयायियों को पिछले हफ्ते दोषी ठहराया और मंगलवार को उनको उम्रकैद की सजा सुना दी. अदालत ने रामपाल के साथ उसके बेटे वीरेंद्र सहित 15 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही सभी दोषियों पर अदालत ने एक-एक लाख व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.रामपाल और उसके अनुयायियों के खिलाफ बरवाला पुलिस थाने में 19 नवंबर, 2014 को दो मामले दर्ज किये गये थे. पहला मामला दिल्ली में बदरपुर के निकट मीठापुर के शिवपाल की शिकायत पर, जबकि दूसरा मामला उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले के सुरेश ने दर्ज कराया था.दोनों ने रामपाल के आश्रम के अंदर अपनी पत्नियों की हत्या की शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों महिलाओं को कैद करके रखा गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई. हत्या के आरोपों के अलावा इन पर लोगों को गलत तरीके से बंधक बनाने का आरोप लगाया गया था. पुलिस जब आश्रम के अंदर मौजूद रामपाल को गिरफ्तार करने जा रही थी, तो उसके लगभग 15 हजार अनुयायियों ने 12 एकड़ जमीन में फैले आश्रम को घेर लिया था, ताकि स्वयं-भू बाबा की गिरफ्तारी नहीं हो सके. स्वयं-भू बाबा के अनुयायियों की हिंसा के कारण छह लोगों की मौत हो गई थी.हिसार जिला जेल के अंदर एक अस्थाई अदालत में लगभग चार वर्ष तक चली सुनवाई के बाद ये फैसला आया है. रामपाल और उसके अनुयायी नवंबर, 2014 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद थे. मंगलवार को जिस मामले में फैसला आया है वो एफआईआर नंबर 429 का है. एफआईआर नंबर 430 के मामले में बुधवार को सजा का एलान होगा.