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फसल नुकसानी के लिये की जायेगी राहत की व्यवस्था : मुख्यमंत्री श्री चौहान

प्याज एवं लहसुन उत्पादक किसानों को शीघ्र किया जायेगा भावांतर राशि का भुगतान  मुख्यमंत्री ने पेटलावद में किया 2050.70 करोड़ की माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज झाबुआ जिले के पेटलावद में कहा कि किसानों को फसल नुकसानी के लिये राज्य शासन द्वारा राहत प्रदान करने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने बताया कि प्याज और लहसुन उत्पादक किसानों को शीघ्र ही भावांतर राशि का भुगतान किया जायेगा। श्री चौहान 2050.70 करोड़ लागत की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करने के बाद विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पेटलावद नगर परिषद में विकास कार्यों के लिये विशेष निधि से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आगे आकर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि किसानों के हित संरक्षण के लिये राज्य सरकार ने जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाने और उर्वरक के अग्रिम भण्डारण की सुविधा प्रदान करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं।

श्री चौहान ने सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना पूर्ण होने पर झाबुआ और धार जिले के 202 गाँव की 57 हजार 422 हेक्टेयर कृषि भूमि को ग्रेविटी प्रवाह से सिंचाई के लिये पानी मिलेगा। उन्होंने बताया कि धार जिले के ग्राम मलवाड़ी के पास नर्मदा का जल उद्वहन किया जायेगा। यह जल 460 मीटर ऊँचाई तक 18 घन मीटर प्रति सेकेण्ड की क्षमता से धार जिले के ग्राम जाली में निर्मित जंक्शन संरचना में पहुँचेगा, जहाँ से संग्रहीत जल किसानों के खेतों तक पाइप लाइन द्वारा पहुँचाया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान का ग्रामीणों ने आदिवासी संस्कृति के अनुरूप तीर-कमान भेंट कर और झूलड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। श्री चौहान ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित लाभ भी वितरित किये। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रजनीश वैश्य ने परियोजना की जानकारी दी। विधायक सुश्री निर्मला भूरिया, श्री शांतिलाल बिलवाल, श्री कलसिंह भाबर, श्रीमती रंजना बघेल और श्री वेलसिंह भूरिया, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद थे।

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