भारत

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने साइप्रस विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिया

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद अपने 3 यूपोपिय देशो की यात्रा के तहत आज बुल्गारिया पहुंच गये… अपने साइप्रस दौरे के दूसरे दिन आज राष्ट्रपति ने साइप्रस विश्‍वविद्यालय के छात्रों को संबोधित किया तो दोनों देशो के बीच मज़बूत रिश्तों की नई इबारत लिखी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद साइप्रस की यात्रा को पूरा करने के बाद बुल्गारिया पहुंच गये हैं। हवाई अड्डे पर बुल्गारिया के उप प्रधानमंत्री ने गर्मजोशी से राष्ट्रपति का स्वागत किया। बुल्गारिया पहुंचने पर राष्ट्रपति ने बुल्गारिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की। तीन यूरोपीय देशों की आठ दिनों की यात्रा पर हैं। अपने अन्तिम पड़ाव पर राष्ट्रपति चेक रिपब्लिक भी जायेगें। राष्ट्रपति की यात्रा से यूरोपीय देशों के साथ भारत के सम्बन्धों में नई ऊर्जा का संचार होगा। मंगलवार को राष्ट्रपति कोविंद ने साइप्रस विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित किया.. अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि आज युवा बड़े पैमाने पर व्यापक परिवर्तन लाने के लिये सीधे भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की अगुआई वाली डिजिटल क्रांति के हम साक्षी है। साइप्रस यात्रा के अंतिम दिन साइप्रस विश्वविद्याल में ‘युवा, प्रोद्योगिकी और विचार: इक्कीसवीं सदीं को आकार देते’ विषय पर राष्ट्रपति ने अपने व्याख्यान मे चौथी औद्योगिक क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में ये दुनिया में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा जिससे कि नये क्षेत्रों में रोजगार के अनेक अवसर पैदा होगें। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि प्रौद्योगिकी के जरिये सीखने के लिये एक नई दुनिया हमारे सामने है और साथ ही प्रोद्योगिकी ने हमारे जीवन को आसान बना दिया है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि उन्हे तुरन्त पुरस्कार हासिल करने की उम्मीद के बिना कड़ी मेहनत करनी चाहिये। राष्ट्रपति ने कहा कि उत्कृष्टता का पीछा करना महत्वपूर्ण कारक है जो भविष्य की पीढ़ियों के दिमाग पर हावी होना चाहिए। उन्होने कहा कि युवाओं के लिए जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय तनाव का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है । राष्ट्रपति ने साइप्रस विश्वविद्यालय में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की मूर्ती का भी अनावरण किया।

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