ऊना

पोषण अभियान के तहत सितम्बर माह को पोषण माह के तौर पर मनाया जाएगा-एसी

विभिन्न विभागों के माध्यम से पोषण जागरूकता को लेकर आयोजित होंगे अनेक कार्यक्रम
ऊना – सितम्बर माह को पोषण माह के तौर पर मनाने के लिए आज उपायुक्त के सहायक आयुक्त एसके पराशर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पोषण अभियान के अंतर्गत जिला में माह भर चलने वाली विभिन्न गतिविधियों बारे विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पोषण अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त एसके पराशर ने बताया कि इस अभियान की शुरूआत 8 मार्च, 2018 को राजस्थान के झुंझनू से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। इस अभियान के पहले चरण में हिमाचल प्रदेश के चार जिलों शिमला, सोलन, हमीरपुर तथा चंबा को शामिल किया है जबकि दूसरे चरण में ऊना जिला को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। उन्होने बताया कि इस अभियान के माध्यम से 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में आगामी तीन वर्षों के दौरान सुधार लाना है।
उन्होने बताया कि जिला में माह भर चलने वाले इस विशेष पोषण अभियान के तहत विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों से जिला में बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर में व्यापक सुधार एवं जन जागरूकता लाने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होनेे इस अभियान के साथ जुडे सभी विभागों से अपने-अपने स्तर पर कार्य करने का आहवान किया ताकि इस अभियान के उदेश्यों व लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित हो सके।
विभागीय अधिकारियों के हवाले से सहायक आयुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के प्राप्त आंकडों के आधार पर जहां ऊना जिला के 0-5 वर्ष आयु वर्ग के 22.6 प्रतिशत बच्चों में ठीगनापन तथा 10.7 प्रतिशत बच्चों में लंबाई के साथ वजन में कमी पाई गई है जबकि इसी वर्ग के 14.6 प्रतिशत बच्चे कम भार वाले पाए गए हैं। उन्होने बताया कि जिला में 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों व महिलाओं में 46.9 प्रतिशत में खून की कमी जबकि 6 माह से 5 वर्ष आयु वर्ग के 56.6 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी पाई गई है।
उन्होने बताया कि प्राप्त आंकडों के आधार पर जहां 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में ठीगनापन में प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत की दर से 6 प्रतिशत तक कमी लाना है तो वहीं बच्चों के पोषण स्तर को बढ़ाकर कम वजन में सुधार लाना है। साथ ही 0-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों तथा 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों एवं महिलाओं में खून की कमी के आंकडे को 3 प्रतिशत वार्षिक की दर से 9 प्रतिशत तक की कमी लाना है। इसके अलावा जन्म पर बच्चों के कम वजन के आंकडे में भी 2 प्रतिशत वार्षिक की दर से 6 प्रतिशत तक की कमी लाना है।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस सतनाम सिंह, जिला पंचायत अधिकारी रमण कुमार शर्मा, सीएमओ डॉ0 रमण शर्मा, उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी डीआरडीए राजेंद्र गौतम, उपनिदेशक उच्च शिक्षा बीआर धीमान, उप-निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एचआर गुलेरिया, जिला आयुर्वेद अधिकारी सुशील चंद्र नाग, अधिशाषी अभियन्ता आईपीएच केएस भाटिया, सीडीपीओ हरीश मिश्रा, अश्वनी कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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