पंजाब

अरुणा चौधरी द्वारा विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों संबंधी संवेदनशील पहुँच अपनाने के लिए लोक लहर खड़ी करने का न्योता

 सामाजिक सुरक्षा मंत्री ने अंगहीनों के  कल्याण के लिए काम कर रही जत्थेबंदियों, संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की

डिसऐबिलटी कानून संबंधी जागरूक करने के लिए सभी विभाग के अधिकारियों /कर्मचारियों को दिया जायेगा प्रशिक्षण

चंडीगढ़,

‘पंजाब सरकार विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है और सरकारी कार्यालयों और आम जन-जीवन में इन व्यक्तियों के लिए उपयुक्त और रचनात्मक माहौल सृजन करने के लिए निरंतर उपाये किये जा रहे हैं। इस संबंधी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा विशेष हिदायतें जारी की गई हैं कि विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए बने कानूनों को सख्ती के साथ लागू किया जाये।’ यह बात सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल कल्याण मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने आज पंजाब भवन चंडीगढ़ में विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम कर रही जत्थेबंदियों, संस्थाओं और ग़ैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए कही।श्रीमती चौधरी ने कहा कि आज की मीटिंग का मकसद विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों को किसी भी विभाग या किसी भी क्षेत्र में आ रही दिक्कतों का पता लगा कर उनको हल करना है। उन्होंने कहा कि समाज के इस वर्ग को सबसे अधिक प्राथमिकता देने की ज़रूरत है और इनकी ज़रूरतों और दिक्कतों संबंधी पूरे समाज को संवेदनशील पहुँच अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंधी लोक लहर खड़ी करने का न्योता देते हुए कहा कि इस दिशा में उनका विभाग काम करेगा और आज की तरह ऐसी मीटिंगें निरंतर करता रहेगा। मीटिंग के दौरान विभिन्न संस्थाओं और जत्थेबंदियों द्वारा विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों संबंधी उठाए गए मुद्दों को सुनने के उपरांत सामाजिक सुरक्षा मंत्री ने खुलासा करते हुए कहा कि उनका विभाग सभी विभागों से एक वर्ष के अंदर कम से -कम दो बार अपंग कोटे के पदों का रोस्टर मंगवा कर चैक करता है कि कहीं कोई बैकलाग तो नहीं पड़ा। श्रीमती चौधरी ने कहा कि दूसरे विभागों में विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों के लम्बित पड़े मामलों के पीछे मुख्य कारण विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों में जागरूकता की कमी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ग की ज़रूरतों और कानूनों संबंधी दूसरे विभागों के अधिकारियों /कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्था (मैगसीपा) के साथ तालमेल किया गया है जो पूरा साल अलग -अलग विभागों के अधिकारियों /कर्मचारियों को डिसऐबलिटी कानून संबंधी अवगत करवाएगा। सामाजिक सुरक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि यदि ऐसे लोगों के जीवन के मूलभूत पड़ाव के दौरान ही अंगहीनता के स्तर की पहचान करके उस की रोकथाम के लिए कदम उठाए जाएँ तो अंगहीनता पर काफ़ी हद तक काबू पाया जा सकता है।

विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों द्वारा खेल के क्षेत्र में की गई प्राप्तियों की सराहना करते हुए श्रीमती चौधरी ने कहा कि पंजाब में बहुत जल्द ही अपंग खिलाडिय़ों के लिए पैरा स्पोर्टस का खेल इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है जहाँ उनकी ज़रूरतों के अनुसार बुनियादी ढांचा स्थापित करके विशेष प्रशिक्षण का प्रबंध किया जायेगा। टोल प्लाजों पर आती दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही कहा कि इस संबंधी सभी जिलों के डिप्टी कमीशनरों को पत्र लिखकर यह यकीनी बनाने के लिए कहा जायेगा कि किसी भी टोल प्लाजा पर किसी भी विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों को कोई दिक्कत न आए। इसी तरह अपंग व्यक्तियों के लिए समर्थकी बुनियादी ढांचे की बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहले पड़ाव में पंजाब के 10 बड़े शहरों का आडिट होगा कि वहां महत्वपूर्ण इमारतों में विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों की सुविधा के लिए रैंप आदि अन्य सहूलतें बनाईं गई हैं या नहीं। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों की पैंशन में वृद्धि के मुद्दे पर पूर्णतया हमदर्दी से विचार किया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल कल्याण विभाग के विशेष मुख्य सचिव श्री करनबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों का कल्याण सरकार की मुख्य पहल है। उन्होंने कहा कि इस संबंधी सभी विभागों को अपनी मानसिक सोच बदलनी पड़ेगी क्योंकि जिन मुश्किलों का सामना यह व्यक्ति करते हैं, उस संबंधी बाकी लोग सोच भी नहीं सकते। उन्होंने जत्थेबंदियाँ को विश्वास दिलाया कि उनका विभाग सभी माँगों और ज़रूरतों को लेकर साकरात्मक सोच रखता है और मंत्री जी की हिदायतोंं की पालना करते हुए अधिक से अधिक कल्याण के लिए काम किये जाएंगे। विभाग की डायरैक्टर श्रीमती कविता सिंह ने कहा कि इंसानियत के स्तर पर उनका विभाग इन व्यक्तियों के साथ खडा़ है और जो काम उनके विभाग द्वारा किये जाने हैं, उनको तुरंत किया जायेगा और जो दूसरे विभागों से सम्बन्धित हैं, उनको हल करन के लिए सभी विभागों के साथ तालमेल स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभाग इन विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों की माँगों के प्रति हमेशा ही हमदर्दी रखता है और इनके कामों को प्राथमिकता के तौर पर हल करता है। इस मौके पर कमिशनर फॉर पर्सनज़ विद डिसऐबलिटी श्री कुमार राहुल और विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री नवजोत पाल सिंह रंधावा भी उपस्थित थे।

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